सिंगरौली। बड़ी खबर एमपी के सिंगरौली से है जहां सिंगरौली जिले के थाना सरई क्षेत्र में रेत तस्करों के हौसले इतने बुलंद है की जिसका आकलन नहीं किया जा सकता गौर तलब हो कि थाने के सामने से ही रातों दिन रेत तस्कर अवैध परिवहन में लिफ्त ट्रैक्टर से रेत की स्मगलिंग होती है जिस मामले को लेकर कई बार समाचार पत्रों एवं न्यूज़ चालों के माध्यम से उक्त मामले का प्रकाशन भी किया गया लेकिन सिंगरौली पुलिस आंख में पट्टी और कान में कपास लगाई हुई है अवैध उत्खनन क मामला जिले से लेकर गांव के गली मोहल्ले तक जन चर्चा का विषय बना हुआ है व ही बेहतर कार्यवाही में शुमार सिंगरौली पुलिस अधीक्षक की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं आखिरकार क्या पुलिस रेत माफिया के सामने घुटने टेक दी है या फिर सिंगरौली पुलिस के इशारे पर ही रेत माफिया अवैध रेत के उत्खनन में सनलिप्त है। बताते चलें कि अगर अवैध रेत उत्खनन के मामले की बात करें तो पुलिस ही नहीं माइनिंग विभाग के कलम में जंग सा लगता नजर आ रहा है बता दें कि माइनिंग विभाग ना तो स्टोन से लदे वाहन ना ही कभी सैंड माइन्स की जांच करता और फिर जिला माइनिंग अधिकारी की कलम चले भी कैसे रेत माफियाओं के विरुद्ध क्योंकि माफियाओं की अटैची हफ्ते व महीने माइनिंग अधिकारी के दफ्तर तक पहुंचती रहती है बता दे कि जहां सूबे के CM डॉक्टर मोहन यादव जहां एक तरफ कहते हैं कि हमारे राज्य में भ्रष्टाचारी कदापि नहीं रह सकते वही सिंगरौली जिले में खुलेआम अवैध रेत की तस्करी मुख्यमंत्री को चुनौती दे रहा है। वहीं लोगों का कहना यह भी है कि सिंगरौली जिले के जिला खनिज अधिकारी लगातार कई वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ हैं और उनकी माफियाओं से अच्छी खासी पकड़ बन चुकी है इसलिए अवैध का उत्खनन नहीं थम रहा है वही पुलिस विभाग तो रेत माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही को लेकर चुप्पी ही साधी हुई है। ये भी पढ़े ख़बर SINGRAULI NEWS: प्राचार्य के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह आयोजित SINGRAULI NEWS: दावे तमाम, ओवरलोडिंग पर नहीं लग रही लगाम.यातायात व्यवस्था को दे रहे हैं खुली चुनौती… SINGRAULI NEWS: नहीं हो रहा कचरे का निस्तारण, बलियरी में बन गया कचरे का पहाड़