देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र कठदहा में मनरेगा योजना मखौल बनकर रह गई है। शिकायत के बावजूद अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते है। लिहाजा संवेदक मनमाने ढंग से मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर से कार्य करवाते है। बताया जाता है कि अधियरिया कुसुम मोहल्ला से मटिया तक सुदूर सड़क निर्माण का मनरेगा के माध्यम से कार्य चल रहा है। इसमें सरपंच, सचिव, इंजीनियर, रोजगार सहायक, के द्वारा मजदूरों की जगह धड़ल्ले से जेसीबी एवं ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद संवेदक लगातार अपनी मनमानी कर रहे है पदाधिकारी भी इस मामले में चुप हैं, जिसके कारण संवेदको का मनोबल ऊंचा है। बताते चलें कि यह योजना सरकार द्वारा मूल रूप से गरीब मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के साथ गांव एवं पंचायत के विकास के लिए शुरू किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब मजदूरों का दूसरे राज्यों में हो रहे पलायन को रोकना है। लेकिन संवेदको की मनमानी एवं पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण संवेदको द्वारा फर्जी मजदूर का खाता नंबर डालकर विभाग की आंख में धूल झोंककर राशि की निकासी कर रहे हैं और मशीनों के सहारे काम करवाया जा रहा है।