सीधी। आशुतोष उपाध्याय।।80 वर्षीय बुजुर्ग को पुत्र ने किया घर से बेदखलप्राय देखा जाता है कि हर माता-पिता अपने बुढ़ापे में सहारे की लाठी अपनी संतान को समझता है सारी परवरिश कर बच्चों को बड़ा कर अपने कर्तव्य को निभाता है फिर वही संतान बुढ़ापे में घर से निकाल कर दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर कर देता है ऐसा ही एक मामला बहरी तहसील के ग्राम पंचायत खुटेली से निकल कर आया है । 80 वर्ष के बुजुर्ग अब्बास मोहम्मद के तीन लड़के हैं जिनका नाम काजी मोहम्मद ,खलील मोहम्मद, नूर मोहम्मद है कई बरसों पहले इन तीनों भाइयों का हिस्सा बंटवारा हुआ बंटवारे में सबसे छोटे पुत्र के हिस्से में पिताजी का भी हिस्सा पंचो ने लगा दिया था ।नूर मोहम्मद के यहां कुछ वर्षों तक रहकर अपना जीवन गुजर बसर किया और नूर मोहम्मद ने पिता के हिस्से की चल अचल संपत्ति ले लिया ।अब पिता काफी वृद्धि हो गया है जिसे दो जून की रोटी देने में बेटे को कठिनाई महसूस होने लगी ।इस दौरान बुजुर्ग ने अपना दुखड़ा गांव के पास पड़ोस में बताने लगा जिसके कारण पुत्र ने उसे काफी डांट फटकार लगाई और बोला कि अब तुम यहां नहीं रहोगे मेरे घर से हट जाओ । इसी बुजुर्ग का एक पुत्र खलील मोहम्मद जो काफी दिनों से पिता से अलग था पिता ने उसे अपना बेटा समझ कर बुलाया बोला मुझे अब अपने घर ले चलो यहां मुझे बहुत ही असुविधा है तब खलील मोहम्मद अपने घर ले गए और पिता की परवरिश में लगे हैं।।।खलील मोहम्मद का कहना है।।मेरे पिता के साथ मेरा छोटा भाई बहुत ही अन्य किया है चल अचल संपत्ति हड़प लिया है और अब अपने घर से इनको हटा दिया मेरा कहना है कि कलयुग का असर अब पूरी तरह से पढ़ने लगा है जो माता-पिता अपने संतान के लिए सब कुछ अच्छा करते हैं ।वही आज पिता को बेदखल करते हैं। मैं सभी मानव जाति से अपील करता हूं कि अपने माता-पिता को किसी प्रकार का कष्ट न होने दे।उनकी सेवा में लग रहे तभी उद्धार होगा।। यह लेख बुजुर्ग एवं उसके पुत्र खलील मोहम्मद के बताए अनुसार लिखा गया।आशुतोष उपाध्याय की कलम से