बताया जाता है कि जनपद पिपरिया दमोह का रहने वाला अमित विश्वकर्मा विगत दिनों से लगातार टीवी एस एजेंसी में कार्य कर रहा था जिसकी 9 जून की रात्रि लगभग 9:30 बजे मौत होने की सूचना परिजनों को मिला जहां परिजनों ने घटनास्थल पर जाकर देखा और आशंका जाहिर की है कि मृतक अमित की करंट लगने से मौत नहीं हुई करंट लगाकर मार दिया गया है वहीं परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी में कार्यरत लोगों के द्वारा 5 से 6 लोग मिलकर इस घटना को अंजाम दिए हैं। परिजनों ने बताया कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद अभी तक पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और ना ही एजेंसी संचालक के विरुद्ध FIR दर्ज हुई है। जिससे साफ तौर पर प्रदर्शित होता है कि दमोह पुलिस उक्त मामले में एजेंसी संचालक के दबाव में आकर पूरे मामले में पर्दा डालकर लीपा पोती करने का प्रयास कर रही है बहरहाल दमोह सी एस पी व ए एस पी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उक्त मामले की विवेचना की जा रही है सी सी टी वी फुटेज भी खगाला जा रहा है प्रथम दृष्टिया युवक की मृत्यु करंट लगना ही प्रदर्शित हो रहा है अब पीएम रिपोर्ट आने के पश्चात ही कुछ कहा जा सकता है कि मृतक अमित विश्वकर्मा की मौत कैसे हुई।