ये हैं सबसे लंबे रेल सफर, एक बार ट्रेन में बैठिए और कई दिन बाद उतरिए! जानिए क्या है इन ट्रेनों का रूट?- इंडिया टीवी एमपी तक न्यूज़ नेटवर्क पर
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ये हैं सबसे लंबे रेल सफर, एक बार ट्रेन में बैठिए और कई दिन बाद उतरिए! जानिए क्या है इन ट्रेनों का रूट?
ट्रेन का सफर अगर आनंद दायक हो तो, मन करता है कि ये सफर थोड़ा और लंबा चलता. यहां हम आपको कुछ ऐसे ही लंबे रूट्स के बारे में बता रहे हैं. इनपर ट्रेन को डेस्टिनेशन तक पहुंचने में 7 दिन लग जाते हैं.
ये हैं सबसे लंबे रेल सफर, एक बार ट्रेन में बैठिए और कई दिन बाद उतरिए! जानिए क्या है इन ट्रेनों का रूट?
दुनिया का सबसे लंबा रेल मार्ग करीब 9 हजार किलोमीटर लंबा है. ( Image Source : Pixabay
Longest Train Routes: रेलवे हमेशा से ही लोगों की यात्राओं के लिए मनोरंजन का केंद्र रहा है. रेल यात्राओं के साथ लोगों की काफी यादें जुड़ी होती हैं, फिर चाहे सफर लंबा हो या छोटा, ट्रेन का सफर हमेशा आनंददायक होता है. आज हम ऐसी ही कुछ ट्रेनों के बारे में चर्चा करेंगे जो दुनिया के सबसे लंबे रूट पर चलती हैं. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत दुनियाभर में सातवें स्थान पर है, जबकि रूस पहले स्थान पर है. ऐसे में आइए जानते हैं कि दुनिया के सबसे लंबे रेल रूट कौन-से हैं.
डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी
इस सूची में भारत की सबसे लंबी रेलवे लाइन भी शामिल है, जो असम के डिब्रूगढ़ को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से जोड़ती है. यह दुनिया का पांचवां सबसे लंबा रेल मार्ग है, जो लगभग 4,237 किलोमीटर तक फैला है. इस मार्ग पर विवेक एक्सप्रेस चलती है, जो 72 घंटे में इस यात्रा को पूरी करती है. अगर इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलती तो यह दूरी तय करने में उसे करीब 26 से 30 घंटे का समय लगता.
सिडनी से पर्थ
ऑस्ट्रेलिया का सिडनी को पर्थ से जोड़ने वाला रूट, इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है और लगभग 4,352 किलोमीटर तक फैला है. इस मार्ग पर इंडियन पैसिफिक ट्रेन चलती है, जो चार दिनों में अपनी यात्रा पूरी करती है. यह हिंद महासागर के तट के साथ चलता हुआ प्रशांत महासागर के तट तक पहुंचता है. इस यात्रा के दौरान आपको कई मनमोहक दृश्य देखने को मिलेंगे. यह मार्ग दुनिया में सीधी रेलवे पटरियों का सबसे लंबा विस्तार है, जो 478 किलोमीटर तक फैला है, जिसे दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में “द नुलरबोर” के नाम से जाना जाता है.
शंघाई से ल्हासा
चीन दुनिया के तीसरे सबसे लंबे रेलवे मार्ग की मेजबानी करता है. यह शंघाई को तिब्बत में ल्हासा से जोड़ता है. यह मार्ग लगभग 4,373 किलोमीटर लंबा है. ट्रेन संख्या Z164 को इस रूट की यात्रा पूरी करने में लगभग 46 घंटे और 44 मिनट, लगभग दो दिन का समय लेती है. ट्रेन शंघाई रेलवे स्टेशन से रात 8:02 बजे रवाना होती है और दो दिन बाद शाम 6:46 बजे ल्हासा पहुंचती है.
टोरंटो से वैंकूवर
दुनिया का दूसरा सबसे लंबा मार्ग कनाडा में स्थित है. यह टोरंटो को वैंकूवर से जोड़ता है. यह मार्ग लगभग 4,466 किलोमीटर लंबा है. इस मार्ग पर यात्रा पूरी करने में लगभग चार दिन लगते हैं. इस ट्रेन यात्रा के दौरान आपको प्रकृति के शानदार नज़ारे देखने को मिलेंगे. इस रूट पर ट्रेनों का न्यूनतम किराया 529 डॉलर है. कनाडा भूमि क्षेत्रफल के हिसाब से रूस के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है.
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे
दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे मार्ग रूस में स्थित है. यह मार्ग राजधानी मॉस्को को पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक से जोड़ता है. 9,259 किलोमीटर की लंबाई वाली इस यात्रा को पूरा करने में लगभग सात दिन लगते हैं. अगर आप भारत की वंदे भारत एक्सप्रेस के बराबर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी यात्रा करें, तब भी इस मार्ग पर यात्रा पूरी करने में लगभग 58 घंटे लगेंगे. इसके अलावा, 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन को इस मार्ग को पूरा करने में एक दिन लगेगा. हर खबर अपडेट के लिए बने रहे इंडिया टीवी एमपी तक न्यूज़ नेटवर्क के साथ