मुख्यमंत्री मोहन यादव के राज्य में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही: सिंगरौली के पड़री स्कूल में अनुपस्थिति पर BEO ने प्राचार्य समेत 20 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिवस के अंदर जवाब मांगा गया है। इस मामले में प्राचार्य समिति शिक्षकों की बढ़ सकती है मुश्किल। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के पड़री स्कूल में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने प्राचार्य समेत 20 शिक्षकों को अनुपस्थिति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में तीन दिवस के अंदर जवाब मांगा गया है। इस मामले में प्राचार्य समेत 20 शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण विद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इस मामले में प्राचार्य समिति शिक्षकों की बढ़ सकती है मुश्किल। नोटिस में कहा गया है कि प्राचार्य समेत 20 शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण विद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इस मामले में प्राचार्य समिति शिक्षकों की बढ़ सकती है मुश्किल। नोटिस में निम्नलिखित शिक्षकों के नाम शामिल हैं: - राम गोपाल पाठक प्रभारी प्राचार्य - नरेन्द्र कुमार द्विवेदी - संजय कुमार बैस - घनश्याम प्रसाद शुक्ला - सुरेश प्रसाद शाहु - ज्योती दुबे - सतीश कुमार मिश्रा - समरजीत सिंह - अनुराधा तिवारी - सुश्री आभा द्विवेदी - मनोज कुमार साकेत - यंशवत कुमार प्रजापति - श्री रमेश कुमार बैस - सुश्री संयोजिता मिश्रा - श्रीमती मंजु देवी - डी.एन शाह - प्रा.शि प्रियंका सिंह अन्य को जारी इन शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिवस के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें। यदि वे तीन दिवस के अंदर जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में सिंगरौली के जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अनुपस्थिति के कारण विद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। हमने प्राचार्य समेत 20 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिवस के अंदर जवाब मांगा है। इस मामले में प्राचार्य समिति शिक्षकों की बढ़ सकती है मुश्किल। यदि वे तीन दिवस के अंदर जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में विद्यालय के छात्रों और अभिभावकों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अनुपस्थिति के कारण विद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र इस मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन यह कहा जा सकता है कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की अनुपस्थिति के मामले में कार्रवाई की जा सकती है और इस मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी जल्द ही मिल सकती है।